CSS in Hindi – Introduction of CSS

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Introduction to CSS – Cascading Style Sheet

CSS एक powerful language है। CSS को Cascading Style Sheet भी कहा जाता है | CSS का use web pages को design करने के लिए किया जाता है |क्योकि html के through web page को अच्छे से customize नही कर सकते है |

इसीलिए हम css का use करते है | क्योकि css के द्वारा website को अपने according customize कर सकते है | और अपने website को attractive बना सकते है |

जब भी हम css लिखते है | तो किसी न किसी tag के ऊपर लिखते है | और css 3 प्रकार से लिख सकते है |

  1. Inline CSS
  2. Internal CSS
  3. External CSS

CSS 1994 मे Hakon Wium Lie के द्वारा बनाया गया था फिर उसके बाद 1996 मे W3C – World Wide Web Consortium के द्वारा publish किया गया |

Inline CSS

inline css का use HTML tags के अन्दर ही किया जाता है | लेकिन इसके लिए हमे style attribute का use करना पड़ता है |

Internal CSS

internal css लिखने के लिए हमे style tag को create करना पड़ता है | क्योकि बिना style tag के internal css नही लिख सकते है |

External CSS

external css लिखने के लिए हमे एक file create करना पड़ता है | और जब भी external css की file create करते है | तो css file का extension .css देना होता है |

Note :- अगर आप inline css के अन्दर css की कोई property use कर लेते है | और वही property internal css या external css मे use करते है | तो external css या internal css की property work नही करती है | क्योकि उस property को inline css मे use कर लिए है |

Property and Value

Graphic interface के लिए complete web page बहुत ही अच्छे से design कर सकते है | और css लिखने के लिए property and value का use किया जाता है | अब निचे दिये code को देखे |

background : red;

यहाँ पर background एक property है | और red एक value | css मे हर property के बाद ( : ) कोलन का use किया जाता है | और हर value के बाद ( ; ) सेमीकोलन से statements को break किया जाता है |

Advantages of CSS – Cascading Style Sheet

अगर हम CSS Advantages की बात करे तो css की बहुत सारी Advantages है | CSS का कुछ Advantage निचे दे रहे है |

  1. CSS एक ऐसा language है जिसका यूज़ करने से हमारा time बचता है। और कम से कम समय मे एक से जादा web pages को अपने according customize कर सकते है |
  2. हम css की library बना सकते है | और जब चाहे उसे किसी भी web page पर apply कर सकते है |और जरूरत पड़ने पर customize भी कर सकते है |
  3. css के द्वारा web pages को customize करना बहुत ही आसन होता है | क्योकि css एक easy language है | जिसे हर कोई आसानी से सिख सकता है |
  4. css एक ऐसा language है | जो html language से जादा option provide करता है | हमारे web page attractive बनाने के लिए |
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